जय त्रिपुरारी (Jai Tripurari) — वो 1 बाण जिसने संपूर्ण ब्रह्मांड को अपना धनुष बनाया
जय त्रिपुरारी केवल एक विनाशक को प्रणाम नहीं है। यह उस सत्य की पहचान है कि जब शिव कार्य करते हैं — वो संपूर्ण ब्रह्मांड को अपना साधन बनाकर करते हैं। तीन अविनाशी नगरों और उन्हें समाप्त करने वाले एक बाण की कहानी बताती है कि शिव की शक्ति किसी भी अन्य सृष्टि की शक्ति जैसी क्यों नहीं है।