ॐ शिवोऽहम् (Om Shivoham) – इस श्रृंखला का वो 1 मंत्र जो नमस्कार नहीं है
ॐ शिवोऽहम् इस पूरी श्रृंखला का एकमात्र मंत्र है जो झुकता नहीं। घोषित करता है। मैं शिव हूँ। एक भटकते बालक ने एक ऋषि के प्रश्न का उत्तर छह पदों में दिया — और हर पद के अंत में था शिवोऽहम् — जो अद्वैत दर्शन की नींव बन गया।